ये बात तो किसी ने मुझे बताई ही नही ।
हज़ारो गुण होने के बाद भी दुनिया पानी को रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन , निर्गुण कह कर पुकारती है। नही देख सकते लोग आप के अंदर छुपा हुआ गुण कुछ ऐसा आसान सा गुण आप में होना चाहिए जो लोगों को समझ पड़े । बचपन से सिखाया गया कि एक अच्छा खिलाड़ी बनो, व्यवसाय करने की कला लाओ, चंद गणित के प्रश्न हल कर के सरकारी नोकरी पाओ, वो तो अच्छा है कि मुझे पता था की एक अच्छा इंसान भी बनना है, वरना "ये बात तो किसी ने मुझे बताई ही नही ।"
-विकास शर्मा
-विकास शर्मा
लेबल: MOTIVATIONAL

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